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क्या आज भी इस गुफा में मौजूद है रावण का शव, 10 हजार साल बाद सामने आई सच्चाई

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क्या आज भी इस गुफा में मौजूद है रावण का शव, 10 हजार साल बाद सामने आई सच्चाई फीचर डेस्क, अमर उजाला Updated Tue, 08 Oct 2019 12:40 PM IST 1  of 8 - फोटो : social media विज्ञापन मुक्त विशिष्ट अनुभव के लिए अमर उजाला प्लस के सदस्य बनें Subscribe Now रामायण से जुड़े इतिहास के बारे में जानने की जिज्ञासा हर किसी की होती है। कहा जाता है कि श्रीलंका में आज भी रामायण से जुड़े कई ऐतिहासिक स्थल मौजूद हैं, जिनके बारे में हर कोई जानना चाहता है। ये स्थल भगवान श्रीराम और रावण से जुड़ी कई सच्चाई बयां करते हैं।  विज्ञापन 2  of 8 - फोटो : sigiriya tourism एक रिसर्च के मुताबिक, पुरातत्वविदों ने श्रीलंका में 50 से अधिक ऐसे स्थलों को खोजने का दावा किया है, जिनका संबंध रामायण काल है। इस रिसर्च में यह भी दावा किया गया है कि रावण का शव आज भी एक गुफा में मौजूद है। ये गुफा श्रीलंका के रैगला के घने जंगलों में स्थित है।  3  of 8 हालांकि रावण की मृत्यु कब हुई थी, इसका कोई प्रमाण मौजूद नहीं है, लेकिन बताया जाता है कि भगवान श्रीराम के हाथों उसके वध को 10 हजार साल से भी ज्यादा हो गए हैं।...

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अयोध्या के बारे में 10 ऐतिहासिक तथ्य

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Ram Janmabhoomi: अयोध्या के बारे में 10 ऐतिहासिक तथ्य Ram Janmabhoomi: अयोध्या भारत के सबसे पवित्र शहरों में से एक है और भगवान राम की जन्मभूमि है. आइए अयोध्या के बारे में कुछ ऐतिहासिक तथ्यों को अध्ययन करते हैं. SHIKHA GOYAL AUG 6, 2020 13:54 IST Ayodhya Ram Janmabhoomi:  अयोध्या, भगवान राम की जन्मभूमि है और अध्यात्म के कुंड में डूबने के लिए एक उत्तम स्थान है. यहाँ कई मंदिर हैं और यह प्राचीन भारत के सबसे अधिक पूजनीय शहरों में से एक है. ऐसा माना जाता है कि देवताओं ने खुद इस शहर की रचना की थी. यह पवित्र सरयू नदी के तट पर स्थित है और एक धार्मिक एवं ऐतिहासिक नगरी है. एक नज़र में जिला:  अयोध्या मुख्यालय:  अयोध्या क्षेत्रफल:  2,522 Sq. Km. जनसँख्या:  24,70,996 (2011 Census) भाषा:  अवधी गाँव :  1,272 विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र:  5 संसदीय निर्वाचन क्षेत्र:  1 अयोध्या- राम जन्मभूमि कहाँ है? अयोध्या के बारे में 10 ऐतिहासिक तथ्य 1.  अयोध्या को साकेत के नाम से भी जाना जाता है जो भारत का एक प्राचीन शहर है या कह सकते हैं कि अयोध्या का प्राचीन नाम साकेत...

जानें भगवान राम से जुड़े 11 अनजाने तथ्य

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Ram Janmabhoomi: जानें भगवान राम से जुड़े 11 अनजाने तथ्य Ram Janmabhoomi: अयोध्या में भगवान राम का जन्म हुआ थाl रामायण में भगवान राम के जीवन से जुड़ी विभिन्न घटनाओं एवं प्रसंगो का वर्णन किया गया हैl आइये इस लेख के माध्यम से भगवान राम से जुड़े 11 ऐसे अनजाने तथ्यों पर अध्ययन करते हैंl NIKHILESH MISHRA AUG 5, 2020 10:28 IST 11 unknown facts about Lord Rama Ram Janmabhoomi:  भगवान राम अयोध्या के राजा दशरथ और रानी कौशल्या के पुत्र थेl  ऐसा माना जाता है कि “रामनवमी” के दिन ही भगवान राम का जन्म हुआ थाl रामायण की रचना सर्वप्रथम महर्षि वाल्मीकि ने की थीl उसके बाद से विभिन्न व्यक्तियों ने विभिन्न भाषाओं में रामायण की रचना की है जिसमें तुलसीदास कृत “रामचरितमानसराम” सबसे प्रसिद्ध हैl  1. भगवान विष्णु के सातवें अवतार   भगवान राम को भगवान विष्णु के 10 अवतारों में 7वां अवतार माना जाता हैl भगवान राम से पहले भगवान विष्णु ने मत्स्य (मछली), कूर्म (कछुआ), वराह (सूअर), नृसिंह (मनुष्य एवं सिंह), वामन (बौना) और परशुराम के रूप में जबकि बाद में कृष्ण, बुद्ध और कल्कि (अवतार होना बाकी) के रूप में...

रामायण से जुड़े 13 रहस्य जिनसे दुनिया अभी भी अनजान है

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Ram Janmabhoomi: रामायण से जुड़े 13 रहस्य जिनसे दुनिया अभी भी अनजान है Ram Janmabhoomi: रामायण का हिन्दू धर्म में एक विशिष्ठ स्थान हैl मनुष्य जाति के जीवन और उनके कर्मों का विशेष प्रकार से रामायण में विवरण दिया गया हैl इसमें भगवान राम और देवी सीता के जन्म एवं जीवनयात्रा का वर्णन हैl हम में से अधिकांश लोगों को रामायण की कहानी पता है, लेकिन इस महाकाव्य से जुड़े कुछ ऐसे भी रहस्य हैं जिनके बारे में लोगों को जानकारी नहीं हैl आज हम आपके सामने रामायण से जुड़े ऐसे ही 13 रहस्यों को उजागर कर रहे हैंl NIKHILESH MISHRA AUG 5, 2020 10:37 IST 13 unknown secrets of Ramayana Ram Janmabhoomi:  ऐसा माना जाता है कि मूल रामायण की रचना  “ऋषि वाल्मीकि”  द्वारा की गई थी, लेकिन कई अन्य संतों और वेद पंडितों जैसे-  तुलसीदास, संत एकनाथ  इत्यादि ने भी इसके अन्य संस्करणों की रचना की हैl हालांकि प्रत्येक संस्करण में अलग-अलग तरीके से कहानी का वर्णन किया गया है, लेकिन मूल रूपरेखा एक ही हैl ऐसा माना जाता है कि रामायण की घटना  4 थी   और  5 वीं शताब्दी ई.पू.  की हैl 1 .   रा...

हिन्दू रामायण और जैन रामायण में क्या अंतर है

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हिन्दू रामायण और जैन रामायण में क्या अंतर है हिंदू धर्म के जैसे ही जैन धर्म भी स्वयं को सनातन धर्म मानता है l महर्षि वाल्मीकि द्वारा लिखी गई रामायण ने हिन्दू धर्म को श्रीराम, सीता, लक्ष्मण जैसे महान रूप प्रदान किए हैं और प्रत्येक अध्याय की बहुत सुंदर रचना की है लेकिन भारत में विभिन्न राज्यों में रामायण युग को लेकर तरह-तरह की लोक कथाएं प्रचलित हैं। जिनमें कुछ अलग–अलग तथ्यों का वर्णन हैं l आइए जैन और हिन्दू रामायण में क्या अंतर हैं इसके बारें में अध्ययन करते हैंl SHIKHA GOYAL हिंदू धर्म के जैसे ही जैन धर्म भी स्वयं को सनातन धर्म मानता है जो कि एक अनन्त विश्वास है, जिसकी ना कोई शुरुआत है (अनादी) और ना ही अंत (अनंत) । महर्षि वाल्मीकि द्वारा लिखी गई रामायण ने हिन्दू धर्म को श्रीराम, सीता, लक्ष्मण तथा हनुमान जैसे महान रूप प्रदान किए हैं और उस काल के प्रत्येक अध्याय की बहुत सुंदर रचना की गई है लेकिन भारत में विभिन्न राज्यों में रामायण युग को लेकर तरह-तरह की लोक कथाएं प्रचलित हैं। जिनमें कुछ अलग–अलग तथ्यों का वर्णन हैं l आइए देखतें हैं जैन रामायण के अनुसार हिन्दू रामायण में क्या अंतर हैं l 1. ...

ऋष्यशृंग

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ऋष्यशृंग ऋष्यशृंग अंगदेश की रमणियों के साथ ऋष्यशृंग  या  श्रृंगी ऋषि   वाल्मीकि   रामायण  में एक पात्र हैं जिन्होंने राजा  दशरथ  के पुत्र प्राप्ति के लिए  अश्वमेध यज्ञ तथा  पुत्रकामेष्टि  यज्ञ कराये थे। वह विभाण्डक ऋषि के पुत्र तथा  कश्यप  ऋषि के पौत्र बताये जाते हैं। [1]  उनके नाम को लेकर यह उल्लेख है कि उनके माथे पर सींग (संस्कृत में ऋंग) जैसा उभार होने की वजह से उनका यह नाम पड़ा था। उनका विवाह  अंगदेश  के राजा रोमपाद की दत्तक पुत्री शान्ता से सम्पन्न हुआ जो कि वास्तव में दशरथ की पुत्री थीं। पौराणिक कथाओं के अनुसार ऋष्यशृंग विभाण्डक तथा  अप्सरा   उर्वशी  के पुत्र थे। विभाण्डक ने इतना कठोर तप किया कि  देवतागण  भयभीत हो गये और उनके तप को भंग करने के लिए उर्वशि को भेजा। उर्वशी ने उन्हें मोहित कर उनके साथ संसर्ग किया जिसके फलस्वरूप ऋष्यशृंग की उत्पत्ति हुयी। ऋष्यशृंग के माथे पर एक सींग (शृंग) था, अतः उनका यह नाम पड़ा। ऋष्यशृंग के पैदा होने के तुरन्त बाद उर्वशी का धरती का काम समाप्त हो गया त...