आंध्र प्रदेशातील कश्यप पुतळा कश्यप हा वैदिक आणि हिंदू पौराणिक साहित्यात निर्देशिलेला एक सुविख्यात ऋषी होता. ब्रह्मदेवाच्या अष्टमानसपुत्रांपैकी एक असलेल्या मरीचि ऋषींचा तो पुत्र होता. ( ऋषी मरीचि हे सप्तर्षिपैकी एक ऋषी मानले जातात आणि ब्रम्हदेवाचे मानस पुत्र आहेत. ऋषी कश्यप यांचे वडील आहेत.) दक्ष प्रजापतीच्या तेरा कन्यांशी याचा विवाह झाला होता दक्ष प्रजापति क्यों नहीं चाहते थे कि सती का विवाह शिव से हो, पढ़िये 2 पौराणिक कथा अनिरुद्ध जोशी पुराणों के अनुसार दक्ष प्रजापति परमपिता ब्रह्मा के पुत्र थे, जो कश्मीर घाटी के हिमालय क्षेत्र में रहते थे। प्रजापति दक्ष की दो पत्नियां थीं- प्रसूति और वीरणी। प्रसूति से दक्ष की 24 कन्याएं थीं और वीरणी से 60 कन्याएं। इस तरह दक्ष की 84 पुत्रियां थीं। समस्त दैत्य, गंधर्व, अप्सराएं, पक्षी, पशु सब सृष्टि इन्हीं कन्याओं से उत्पन्न हुई। दक्ष की ये सभी कन्याएं, देवी, यक्षिणी, पिशाचिनी आदि कहलाईं। उक्त कन्याओं और इनकी पुत्रियों को ही किसी न किसी रूप में पूजा जाता है। सभी की अलग-अलग कहानियां हैं। पहली कथा दक्ष प्रजापति ने अपनी...
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